
प्रधानमंत्री मोदी सभी सरकारी विभागों से रिक्तियों को जल्द भरने का आदेश दिया है.
प्रधानमंत्री ने अगले डेढ़ साल में 10 लाख सरकारी नौकड़ी देने का लक्ष्य तय किया है.
प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद विपक्ष और उनका इकोसिस्टम हमलावर हो गया है. वैसे
सरकार ने इसके अलावा अग्निवीर योजना के तहत देश युवाओं को सेना से जोड़ने के लिए
अभियान का ऐलान भी किया है. जिसके तहत सेना में जाने वाले हर युवा को 4 साल के लिए
सेना में जाने का मौका मिलेगा. अग्निवीर योजना सिर्फ नौकड़ी या रोजगार देने के
लक्ष्य से शुरू नहीं हुआ है. ये ऐसी योजना है जो आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रवाद
की भावना को बढ़ावा दिया है. अग्निवीर योजना के बारे में विस्तार से दूसरे वीडियो
में बताएंगे आज सिर्फ मोदी के हर साल 2 करोड़ नौकड़ी देने की वादे का फैक्टचेकक
करेंगे. पिछले 7 साल से विपक्ष का सबसे बड़ा हथियार बेरोजगारी का मुद्दा रहा है,
बावजूद इसके मौजूदा सरकार और प्रधानमंत्री मोदी को हर जगह वोट मिल रहा है. इसका
मतलब ये नहीं की बेरोजगारी नहीं है, बल्कि लोगों को मोदी के अलावा किसी और पर भरोषा
नहीं है. प्रधानमंत्री के 2 करोड़ नौकड़ी के वादे की बात संसद में राहुल गाँधी से
लेकर सड़क से सोशल मीडिया तक हर बार और लगातार होती है. कहा जाता है की प्रधानमंत्री
ने अपने हर रैली में हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था. इस सवाल का जवाब
देते हुए अमित शाह ने जुमला शब्द इस्तेमाल किया था. आज भी भाजपा के प्रवक्ता इस
सवाल पर आकर अटक जाते है. तो क्या प्रधानमंत्री मोदी ने सच में हर साल 2 करोड़ नौकड़ी
देने का वादा किया था ? इसकी सच्चाई जानने से पहले जान लीजिये की रोजगार और नौकड़ी
में फर्क होता है. रोजगार का मतलब इंसान से खुद से या किसी भी माध्यम से अपने या
अपने परिवार के लिए पैसे कमाता है. प्रधानमंत्री मोदी ने जैसे ही 10 लाख नौकड़ियों
की बात की पूरा इकोसिस्टम 2 करोड़ नौकड़ी की याद दिलाने लगा. हमने कई घंटे इंटरनेट पर
बिताएं मोदी का वो बयान ढूंढने के लिए जिसमे उन्होंने 2 करोड़ नौकड़ी हर साल देने का
वादा किया था. यूट्यूब फेसबुक ट्विटर इंस्टा समेत पूरा सोशल मीडिया खंगाल मारा
लेकिन कहीं वो बयान नहीं मिला. कई bjp नेताओं से संपर्क किया उस वीडियो के लिए पर
नहीं मिला, और ना ही उनके पास उस रैली का कोई जानकारी है जिसमे PM ने नौकड़ियों का
वादा किया हो. हमारे पड़ताल के दौरान कुछ तथ्य सामने आएं जो चौकाने वाले थे.
प्रधानमंत्री मोदी ने कभी किसी रैली में हर साल 2 करोड़ रोजगार देने वादा नहीं किया.
इसलिए उनके बयान का कोई वीडियो या स्टेटमेंट ना तो bjp नेताओं के पास है ना ही
विपक्ष के पास. पिछले 7 सालों से एक अख़बार की रिपोर्ट पर झूठ बोला, बेचा और सुना जा
रहा है. सुनने वालों में bjp नेता भी शामिल है. हमारे पड़ताल में 2013 के कुछ लेख
मिले जिसमे प्रधानमंत्री मोदी की आगरा में हुई रैली का हवाला देकर यह खबर छपी थी.
21 नवंबर 2013 को आगरा की रैली में कांग्रेस के वादे की याद दिलाते हुए कहा था की
"कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में वादा हर साल 1 करोड़ रोजगार का वादा किया था. उसने
दिया क्या ?" इस पुरे भाषण में मोदी ने कहीं भी खुद की सरकार आने पर रोजगार देने का
कोई वादा नहीं किया था. ना ही bjp ने अपने घोषणापत्र में 2 करोड़ रोजगार का कोई वादा
था. मतलब 7 साल से हर बार एक झूठ को आसानी से बेचा रहा है .
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