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नफरत मोदी से या भारत से ? मोदी विरोध में कहीं आप भी तो देश से नफरत नहीं करने लगे ?

नफरत मोदी से या भारत से ? मोदी विरोध की सनक में कहीं आप भी तो देश से नफरत नहीं करने लगे ? NCP नेता नवाब मालिक के गिरफ्तार होने के बाद विपक्ष के नेताओं की जो प्रतिक्रिया आई वो हैरान करने वाला है ! नवाब मालिक पर जो आरोप लगे है वो सिर्फ जमीन खरीद का मामला नहीं है. उन्होंने जिनसे जमीन खरीदी है वो कौन है ? अगर दाऊद इब्राहिम के रिस्तेदार या करीबी से अरबों की जमीन कौड़ियों के भाव खरीदी गई तो उसके बदले सामने वाले को कोई तो फेवर मिला होगा ? सबसे खतरनाक बात ये है की उस जमीन का पैसा किसके पास गया ? सोचियें अगर पैसा दाऊद के पास गया होगा तो उसने उस पैसे का इस्तेमाल कहाँ और किसके खिलाफ किया होगा ? हर पार्टी राजनीती करती है और विपक्ष में आने पर संस्थाओं पर सवाल उठाने लगती है. लेकिन पिछले 7 सालों में सिर्फ नेता ही नहीं बल्कि उनके समर्थकों आम आदमी के बीच में भी भारत विरोधी भावनाओं के प्रवाह का प्रयास किया है. नवाब मालिक गिरफ़्तारी के बाद भी मंत्री बने हुए है. ये बात अपने आप में शर्मनाक है.
याद कीजिये इससे पहले प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे पर सुरक्षा में सेंध के मामले को हल्का और मज़ाक बनाया गया था. मोदी को एक राजनेता के तौर पर आलोचना का सबको अधिकारी है, लेकिन मोदी के कार्यकाल में अगर सेना या कोई भी दूसरी संस्था कुछ अच्छा करे तो भी उस पर सवाल उठाना क्या सिर्फ मोदी विरोध है ? पंजाब में बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश तय थी जो एकदम साफ दर्शाता है कि प्रधानमंत्री के साथ कुछ बड़ी घटना होने वाली थी। मैं एकदम साफ बोल रहा खलिस्तानियों और काँग्रेसियों की प्रधानमंत्री को मारने की साजिश थी। मजबूत गाड़ी का विरोध कांग्रेस इसीलिए कर रही थी कि मोदी जी को जान मारने की साजिश जो थी ऊपर से ये ट्वीट बहुत कुछ जाहिर कर रहा है प्रधानमंत्री ने बठिंडा एयरपोर्ट के कर्मचारियों से कहा है कि - "मैं भठिंडा एयरपोर्ट तक जिंदा लौट आया आपका धन्यवाद अपने मुख्यमंत्री को कहना कि मैं जिंदा आ गया हूं अपने सीएम को थैंक्स कहना"... रधानमंत्री का संसद में दिया बयान याद आ रहा है "जिन्होंने आँखों में आँखें डालने का प्रयास किया, सारे देश ने देखा कि उनके साथ क्या किया गया" ाकिस्तान बॉर्डर से सिर्फ 10 किलोमीटर दूरी पर 20 मिनट तक घेर कर रखा गया. इन 20 मिनट में कोई भी अनहोनी घट सकती थी. भारत का भविष्य दांव पर था. भगवान के लिए इसे लापरवाही शब्द का प्रयोग कर के घटना की भयावहता को कम करने का प्रयास न करें. ये साज़िश है, सबसे घिनौनी साज़िश. किसकी? 10 जनपथ की, पंजाब सरकार की, खालिस्तानी आतंकवाद की या फिर पाकिस्तान की? या फिर सबकी मिली भगत है? जिस तरह पंजाब पुलिस खड़े खड़े तमाशा देखती रही, लग तो ऐसा रहा है कि पंजाब पुलिस के द्वारा ही दुर्घटना को अंजाम दिए जाने की योजना थी. एक राज्यमंत्री भी जिस रुट से गुज़रता है तो VIP मूवमेंट के लिए आधे घंटे पहले रास्ता खाली करा दिया जाता है. और देश के प्रधानमंत्री के रुट पर प्रदर्शनकारी आ गए? घोर आश्चर्य. क्या पाकिस्तान और ISIS को सिग्नल दे रहे थे कि रास्ता हम जाम कर देंगे, बम तुम मार दो ? पंजाब में गैर जिम्मेदाराना तरीके से भारत के पीएम के काफिले को 20 मिनट तक रोका गया! प्रधानमंत्री की सुरक्षा से समझौता हुआ पंजाब में. खालिस्तानियों की भीड़ ने बीच ओवरब्रिज प्रधानमंत्री का काफिला रोका था। प्रधानमंत्री की सिक्योरिटी कार पर कांग्रेसी सवाल उठा ही रहे थे। केजरीवाल, सूरजेवाला, प्रियंका, दीपेंदर सब अचानक से एकसाथ कोविड पॉजिटिव हो कर अपने अपने घरों में बंद हैं। राहुल विदेश में गुप्त यात्रा पर हैं। देश ने CDS रावत जी को अभी पिछले महीने ही खोया है। यह बेहद गंदी राजनीति के तहत मोदी जी की सुरक्षा से खिलवाड़ है िन्हें नरेंद्र मोदी में तानाशाह दिखता है, वह अपने प्रिय युवराज की पार्टी में तानाशाही का आलम देख सकते हैं! और यह भी कि कैसे कथित सबसे पुरानी पार्टी साम दाम दंड भेद के द्वारा नरेंद्र मोदी को राह से हटाना चाहती है, जिससे पविपक्ष का रास्ता साफ़ हो जाए!

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