एक विवाह ऐसा भी : अस्पताल का बिस्तर क्यों बना शादी का मंडप ?
एक विवाह ऐसा भी हो सकता है जहाँ अस्पताल मंडप बन जाए ? ये फ़िल्मी ज्यादा हक़ीक़त कम लगता है. 90 के दशक में एक फिल्म आई थी "विवाह" ! फिल्म का हीरो आखिरी में हेरोइन के साथ अस्पताल में शादी करता है क्युकी शादी वाले दिन ही वो आग में झुलस गई थी. आज की पीढ़ी के लिए भले ही शादी सिर्फ रिवाज़ हो, लेकिन असल में ये दो लोगों के विश्वास और समर्पण का एक पवित्र बंधन है. यही विश्वास और प्यार पति पत्नी को जीवन भर के लिए जीने मरने का जज्बा पैदा करता है. मेरे अलावा मेरा भी कोई है, इस बात का अहसास कराती है शादी. सोचिये अगर शादी से ठीक पहले लड़का या लड़की में से किसी के साथ कोई हादसा हो जाए तो क्या होगा ? Read Full Story..

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