महिला पत्रकार से बदसलूकी : किसान आंदोलन के शाहीन बाग़ मॉडल की आपबीती !
किसान आंदोलन में दूसरी बार किसी महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी हुई है.
इससे पहले भी R Bharat न्यूज चैनल के महिला पत्रकार के खिलाफ हूटिंग हुई
थी. नया विवाद न्यूज़ की महिला रिपोर्टर के साथ हुआ है. याद करिये शाहीन
बाग आंदोलन में भी चुनिंदा पत्रकारों को जाने की इजाजत थी. जो पत्रकार
आंदोलनकारियों से CAA का मतलब या उसके नुकसान के बारे में पूछते थे उनको
वहां जाने की इजाजत नहीं थी. आंदोलन में जब सरकार से बातचीत हो सकती है तो
उसके तथाकथित समर्थक मीडिया से क्यों नहीं ? किसी भी आंदोलन को किसी
पत्रकार के सवाल से दिक्कत है, तो आंदोलन के मकसद और अजेंडे पर सवाल और
गहरा हो जाता है. पत्रकार किसी भी विचारधारा का हो वो अपना काम करता है, आप
उसके बात से सहमत या असहमत हो सकते है. Read Full Story....

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