कृषि बिल 2020 हक़ीक़त : गरीब राज्यों का हिस्सा अमीर राज्यों को दिया जा रहा है ?
कृषि बिल 2020 की हक़ीक़त कुछ और फ़साना कुछ और है. किसान आंदोलन ने एक बात स्पष्ट कर दिया है की केंद्र सरकार CAA हो या कृषि बिल 2020 दोनों मुद्दों पर लोगों को समझाने में असफल रही है. सरकार कोई भी अगर ये सुधार करती है तो MSP की गारंटी कोई नहीं दे सकता. कोई भी कॉर्पोरेट कंपनी हो वह व्यापर करने के लिए पैसे खर्च करती है क्युकी उन्हें चुनाव नहीं लड़ना. वो सिर्फ फायदे के लिए पूंजी लगाते है, अगर सरकार खरीद बिक्री की कीमत तय करेगी तो कौन सी कंपनी अपना पैसा लगाएगी ? गौर करने वाली बात ये है की इस बिल के विरोध की शुरुआत पंजाब से शुरू हुई थी, बाद में हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान जुड़े. धान खरीद या सब्सिडी का जो हिस्सा यूपी, बिहार, बंगाल जैसे गरीब राज्यों को मिलना चाहिए था उसका फायदा भी पंजाब और हरियाणा के किसानो को मिल रहा है. Read Full Story..
कृषि बिल 2020 हक़ीक़त : गरीब राज्यों का हिस्सा अमीर राज्यों को दिया जा रहा है ?

0 टिप्पणियाँ