चार साहिबजादें जिन्होंने सर कटा लिया लेकिन मुग़लों के आगे झुके नहीं !
ये कहानी है एक चार भाइयों की जिसने मुग़लों की गुलामी ठुकरा कर शहीद होना कबूल किया. एक 7 साल के लड़के के शौर्य की जिसने अकेले मुग़ल दरबार को दहला दिया था, उसके तीन भाइयों की जिन्होंने सर कटा लिया लेकिन सर नहीं झुकाया. पंजाब या उससे बाहर रहने वाला सिख समुदाय इन चार सपूतों की याद में हर साल बलिदानी सप्ताह मनाता है. 21 दिसंबर से 27 दिसंबर तक बलिदानी सप्ताह मनाया जाता है. इन लोगों ने मुग़लों के आगे धर्म परिवर्तन करने से साफ़ मना कर दिया था. ख़ुशी ख़ुशी प्राणो का बलिदान दे दिया लेकिन अपनी पगड़ी नहीं उतारी. Read Full Story....

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