बिहार बांका मॉब लिंचिंग : ठाकुर बना शिकार तो मीडिया को सांप सूंघ गया ?
बिहार बांका मॉब लिंचिंग की एक ऐसी घटना सामने आई है जो हैरान करने वाली है. मॉब लिंचिंग का इतिहास इस देश में बहुत पुराण है. लेकिन पहली बार यह शब्द 2014 के बाद चर्चा में आया. पहलु खान और तबरेज अंसारी (पीड़ित) का नाम तो विदेशो में भी सुर्खियां बनी. भारत में अपराध को धर्म विशेष के चश्मे से देखने का मीडिया का अपना नजरिया है. मॉब लिंचिंग का शिकार हर धर्म जाती के लोग है, लेकिन एक खास समुदाय के प्रति मीडिया की सहानुभूति जगज़ाहिर है. ऐसी घटनाए बढ़ने में मीडिया का भी अहम् रोल है. मीडिया की भूमिका क्यों संदिग्ध है इसे समझने के लिए बिहार की ताज़ा घटना को जानना जरुरी है. Read Full Story....
बिहार बांका मॉब लिंचिंग : ठाकुर बना शिकार तो मीडिया को सांप सूंघ गया ?

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