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नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास : खिलजी की खुन्नस का पोस्टमार्टम !

 


नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास : खिलजी की खुन्नस का पोस्टमार्टम !

नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास बख्तियार खिलजी के बगैर अधूरा है. क्या आप जानते है की खिलजी ने विश्वविद्यालय समेत सैकड़ों आचार्यों को ज़िंदा क्यों जला दिया था ? 450-470 ई. के बीच गुप्त वंश के शासक कुमारगुप्त ने इसकी स्थापना की थी. बड़ी बड़ी दीवारों से घिरा यह यूनिवर्सिटी स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना था. कैंपस में मठों के साथ साथ अनेक भव्य स्तूप और मंदिर मौजूद थे. भगवन बुद्ध की मंदिर और मठों के अलावा विश्वविद्यालय भवन में लगभग 300 छोटे बड़े कमरे थे. यहाँ के मठ भी बहुमंजिला आकर के थे. इसमें जब आग लगाई गई तब यहाँ की किताबे 3 महीने तक जलती रही. इतने भव्य और सांस्कृतिक गौरव को खिलजी ने क्यों बर्बाद कर दिया ? Read Full Story.....


नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास : खिलजी की खुन्नस का पोस्टमार्टम !

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