शारदा भवानी मंदिर मैहर : आल्हा उदल और पृथ्वीराज चौहान का क्या रिश्ता है ?
शारदा भवानी मंदिर मैहर के कई किस्से सुने होंगे, लेकिन पृथ्वीराज चौहान से कनेक्शन नहीं जानते होंगे. नवरात्र में मैहर की शारदा भवानी के दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ती है. मान्यता है कि जो भी यहां अपनी मुराद लेकर आता है, उसकी मुराद ज़रूर पूरी होती है. इस मंदिर में रोज़ रात को पुजारी पट बंद करके जाते हैं और जब सुबह मंदिर का ताला खोलते हैं, तो एक ताज़ा फूल देवी की प्रतिमा पर चढ़ा हुआ मिलता है.लोगों को हैरत भी होती है कि बंद तालों के अंदर कौन आकर मां को फूल चढ़ा जाता है. मान्यता है कि सबसे पहला फूल आल्हा-ऊदल मैहर के त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा को चढ़ाते हैं. उन्हें देवी मां ने ही आशीर्वाद दिया था कि हमेशा उनका प्रथम पूजन वही करेंगे. पूजा से पहले अलस्सुबह लोगों को पवित्र सरोवर में किसी के स्नान करने की आवाजें भी सुनाई देती हैं, लेकिन कोई दिखाई नहीं देता. Read Full Story....

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