सेनबाड़ी हत्याकांड और सुंदरबन नरसंहार : खून की प्यासी धरती का इतिहास !
बंगाल में राजनीतिक हत्या का इतिहास बहुत पुराना है. भारत के इतिहास में
पश्चिम बंगाल जितनी राजनीतिक हत्या या नरसंहार किसी और प्रदेश में नहीं हुई
है. इसकी शुरुआत लार्ड कर्जन द्वारा बंगाल के विभाजन से शुरू हुई थी. उसके
बाद नक्सलबाड़ी आंदोलन, वामपंथी सरकारों से लेकर दीदी के शाशन तक जारी है.
भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता से बंगाल का इतिहास दोहराने का डर सताने लगा है.
संस्कृति, धर्म, और कला के क्षेत्र में बंगाल ने पूरी दुनिया को रास्ता
दिखाया है. विश्व भर में बंगाल की धरती सम्मान और आदर की मानी जाती है ।
लेकिन यहाँ की मिटी से आज भी असहाय गरीब, बुजुर्ग से लेकर बच्चों तक के खून
की बू आती है. 2021 चुनाव से पहले इस वक़्त जो माहौल है वो लोकल बंगालियों
को डरा रहा है. Read Full Story...

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