हिन्दू मुस्लिम भाईचारे की जिम्मेदारी सिर्फ हिन्दुओं के कंधे पर क्यों ?
आप अपने आसपास, सोशल मीडिया सब जगह खंगालिए देश के 99 फीसदी मुस्लिम तबका और 100 % वामपंथी राम मंदिर की शुभकामनायें दे रहे है ? अपने सेक्युलर मित्रों को भी खंगालिए कब उसने आपके त्यौहार, व्रत या धार्मिक उत्सव के लिए बधाई दी थी ? जब आप कम्युनल होते हुए ईद से लेकर बकरीद तक की बधाई दे सकते है तो सेक्युलर और नास्तिक लोग आपकी ख़ुशी में शामिल क्यों नहीं हो सकते ? ये समय है हिन्दू मुस्लिम भाईचारे को नए सिरे से परिभाषित करने का. भाईचारे का ठेका सिर्फ हिन्दू कंधो पर क्यों हो ? पढ़िए आँखे खोलने वाली पूरी रिपोर्ट...

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